संकल्प शक्ति | Resolution Power

संकल्प शक्ति

संकल्प शक्ति (Resolution Power) से बढकर दूसरी कोई शक्ति नही होती| स्वामी रामतीर्थ एक कहानी सुनाया करते थे |एक बार चार देविया प्रथ्वी (Earth)पर भ्रमण (Excursion) कर रही थी | अचानक एक संत ने देवीये तेज़ से सम्पन्न  उन देवयो को देखा , तो झुककर प्रणाम किया| चारो देवयो के बीच विवाद खड़ा हो गया कि सन्त ने चारो में से किसे प्रणाम किया है | उन्होंने ने सन्त विनम्रता से पूछा महात्मन आपने किसे प्रणाम क्या है| सन्त ने जबाब दिया ,एक-एक कर आप अपना परिचय दीजिए | तब बताऊगा की मैंने किसे प्रणाम किया है|

तब एक देवी बोली मैं विधाता की देवी हूँ  सबका भाग्य लिखती हूँ  मेरी खीचीं रेखाये मिटाई नहीं जा सकती | सन्त ने कहा मैंने आपको प्रणाम नही किया है|

दूसरी देवी ने कहा मैं बुद्धि की देवी हूँ विवेक की स्वामिनी हूँ | सन्त ने कहा मैं जानता हूँ कि बुद्धि भ्रष्ट होते देर नही लगती है| कई बार मानव धनवान बन जाने के बाद अहंकार के वशीभूत होकर बुद्धि से काम लेना बन्द कर देता है| इसलिये मैं आपको प्रणाम क्यों करता|

तीसरी देवी ने बताया मैं लक्ष्मी हूँ मनुष्य को धन-धान्ये से भरपूर कर देती हूँ | सन्त बोले मैं जानता हूँ कि धन –सम्पति क्षणिक होती है असीमित धन मिलते ही मानव अहंकार में भरकर विवेक खो बैठता है| इसलिये मैंने आपको भी प्रणाम नही किया|

चौथीदेवी ने कहाँ महात्मन मैं संकल्प शक्ति की देवी हूँ मुझे धारण करने वाले के लिये कोई भी कार्य असंभव नही होता है |ये सुनकर सन्त उनके चरणों में माथा टेकते हुये कहा निश्चय ही संकल्पशील  व्यक्ति के शब्दकोश  में असंभव शब्द ही नही होता हैं| संकल्पशील व्यक्ति अपने परिश्रम से ज्ञान ,धन प्राप्त कर अपने भाग्य को उज्वल कर सकता हैं इसलिये मैंने आपको ही प्रणाम किया है

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